देश भर में धूमधाम से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, थाना अमीनाबाद में किया गया विशेष आयोजन ।
लखनऊ
राजधानी लखनऊ के थाना अमीनाबाद में 26/08/2024/ को श्री कृष्ण जी के जन्म दिन के शुभ अवसर पर थाना परिसर में बहुत धूमधाम के साथ मनाई गई श्री कृष्ण जन्माष्टमी।
वही थाने पर श्रीं कृष्ण जी के जन्म दिन की खुशी में थाना अमीनाबाद थाना इंचार्ज सुनील कुमार आजाद ने आएं हुए सभी लोगो के भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई। सभी सम्मानित लोगों ने श्री कृष्ण जी के भजनों का आनन्द लिया भजन इतने सुन्दर थे कि सभी झूम उठे और सबके कदम थिरकने लगे।
देर रात को 12 बजे श्रीं कृष्ण जी का जन्म हुआ है आज ही दिन द्वापर में श्री कृष्ण जी ने दुनिया में आकर धर्म की स्थापना की अपने भक्तों व धर्म पर अडिग रहने वालो का साथ दिया। महाभारत के युद्ध के मैदान में गीता का उपदेश दिया।
बाल्यकाल से ही भगवान श्रीकृष्ण ने मां यशोदा के घर में अपनी लीला दिखानी शुरू कर दी थी।
उस पर लिखे भजन "यशुमती मय्या से बोलें नन्दलाल राधा क्यों गोरी मैं क्यों काला" लोगों के दिलों पर छा गया।
भगवान विष्णु ने इस धरती को पापियों से मुक्त कराने के लिए
भगवान श्री कृष्ण के रूप में अवतार लिया था श्री कृष्ण ने देवकी और वासुदेव के आठवें पुत्र के रूप में जन्म लिया था मथुरा नगरी का राजा कंस था जो देवकी का भाई था और श्रीकृष्ण का मामा उसके अत्याचार दिन प्रति दिन बढ़ते ही जा रहे थे उसने अपने पिता को बंदी बनाकर खुद ही राजगद्दी पर बैठ गया वह अपनी बहन देवकी से बहुत प्यार करता था उसने अपने मित्र वासुदेव से शादी कर दी जब विदाई हो रही थी तभी आकाशवाणी हुई की उसकी बहन देवकी का आठवां पुत्र उसका वध करेगा यह सुनकर क्रोध से कंस बौखाला गया और अपने सैनिक को आदेश दिया की बहन देवकी और उसके पति वासुदेव को बन्दी बनाकर काल कोठरी में कैद कर दिया और सैनिकों को आदेश दिया कि देवकी किसी भी बच्चे को जन्म दे तो मुझे तुरंत सूचना दी जाए इसके पश्चात कंस ने एक एक करके देवकी के सात पुत्रों को मार दिया।
वहीं जब देवकी ने आठवें पुत्र श्री कृष्ण को जन्म दिया तो भगवान विष्णु ने वासुदेव से कहा भगवान श्री कृष्ण को गोकुल यशोदा माता व नन्द बाबा के घर पहुंचा दिया जाए ताकी वो अपने मामा कंस से दूर और सुरक्षित रह सके और वासुदेव ने श्री कृष्ण जी को यशोदा माता के घर पर पहुंच कर वापस अपनी काल कोठरी में देवकी के पास आ गये भगवान विष्णु ने अपनी शक्ति से जेल के सभी पहरेदारों को गहरी नीद में सुला दिया था जैसे ही कंस को आठवें संतान होने के बारे पता चला तो वह तुरंत जेल में आया है देवकी की आठवीं संतान को मारने के लिए जैसे जमीन पर पटका तो वह हाथ से छूट गई और बोली "कंस तुझे मारने वाला कहीं और पैदा हो गया है" और अन्तर्ध्यान हो गई।
जिससे कंस और भी अत्याचारी हो गया उसने अपने राज्य के सभी उस दिन पैदा हुए बच्चों को मारने का आदेश दे दिया।
सभी बच्चों के मरने की खबर सुनकर कंस मामा ने खुशी से झूमने लगा आकाश की तरफ देखकर बोला देखो मैंने अपनी मौत को भी मात दे दिया। लेकिन उसको पता नहीं था सभी की मौत सुनिश्चित है और उसको मारने वाला गोकुल धाम में सुरक्षित है।
उसके बाद श्रीकृष्ण जी ने प्रथ्वी पर पापियों का नाश करके धर्म की पुनः स्थापना की।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन लखनऊ के सभी मंदिरों में धूमधाम से मनाया जा रहा राजधानी के सभी पुलिस थानों में यह त्यौहार मनाया जाता है इसी क्रम में अमीनाबाद थाने पर श्री कृष्ण जन्म उत्सव धूमधाम से मनाया गया।