काशी विश्वनाथ मंदिर में पुलिस की वर्दी में फर्ज दरोग़ा पकड़ा गया। फर्जी दरोगा की वर्दी पहनकर काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों पर धौंस जमाने के मामले में आरोपी को मिलीं जमानत
काशी विश्वनाथ मंदिर में पुलिस की वर्दी में फर्ज दरोग़ा पकड़ा गया।
फर्जी दरोगा की वर्दी पहनकर काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों पर धौंस जमाने के मामले में आरोपी को मिलीं जमानत
वाराणसी।
थाना चौक में उप निरीक्षक सत्य देव कांस्टेबल सुनील कुमार त्रिपाठी को क्षेत्र से किसी व्यक्ति द्वारा सूचना मिली की एक व्यक्ति काशी विश्वनाथ मंदिर परिषद में दरोगा की वर्दी पहना हैं तथा वर्दी के पहनावे व जूते से संदिग्ध प्रतीक हो रहा है इस सूचना पर उप निरीक्षक मंदिर परिषद में पहुंचे तो देखा कि एक व्यक्ति जो की दरोगा की वर्दी पहना हुआ हैं मंदिर परिषद में दर्शनार्थियो पर धोस जम रहा है पुलिस वाले पास जाकर नाम पता पूछे तो अपना नाम अभय प्रताप सिंह पुत्र शिवपाल सिंह निवासी सलैया खुर्द जनपद जालौन बताया पहचान पत्र पुलिस विभाग द्वारा मांगा गया तो दिखा न सका तथा बता रहा है कि सर गलती हो गई मैं पुलिस में नहीं हूं मैं फर्जी पुलिस वाला बनाकर लोगों में धोस जमाता हूं तथा जहां कहीं आना-जाना होता है वीआईपी स्थान पर पुलिस की वर्दी में इसका लाभ लेते हुए आसानी से आ जा लेता हूं बस इसी वजह से यह वर्दी पोशाक धारण कर रखा हूं पुलिस विभाग द्वारा पकड़े गए अपराधी के ऊपर धारा 205/319(2)318(4) BNS में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया।
आरोपी को मिलीं जमानत
वाराणसी। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने फर्जी दरोगा की वर्दी पहनकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं पर धौंस जमाने के मामले में आरोपी को राहत दे दी। सलैया खुर्द, जनपद जालौन निवासी आरोपी अभय प्रताप सिंह को 25-25 हजार रुपये की दो जमानते एवं बन्धपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमन सिंह राजपूत ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार उपनिरीक्षक सत्य देव ने चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। आरोप था कि 3 अगस्त 2024 को वह हमराहियो के साथ क्षेत्र में तैनात थे कि सूचना मिली कि एक व्यक्ति काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में दरोगा की वर्दी पहना है वर्दी के पहनावे व जूते से संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। इस सूचना पर उपनिरीक्षक मंदिर परिसर में पहुँचे और देखा कि एक व्यक्ति जोकि दरोगा की वर्दी पहने हुए है मंदिर परिसर में दर्शनार्थियों पर धौंस जमा रहा था। पुलिस वाले पास जाकर उसका नाम पत्ता पूछे तो अपना नाम अभय प्रताप सिंह पुत्र शिवपाल सिंह निवासी सलैया खुर्द जनपद जालौन बताया। पहचान पत्र (पुलिस विभाग का) मांगा गया तो दिखा न सका तथा बता रहा है कि सर गलती हो गयी में पुलिस में नहीं हूँ मैं फर्जी पुलिस वाला बनकर लोगो में धौंस जमाता हूँ जहाँ कहीं आना जाना होता है वीआईपी स्थानो पर पुलिस की वर्दी में इसका लाभ लेते हुए इससे आसानी से आ जा लेता हूँ। बस इसी वजह से यह पोशाक धारण कर रखा हूं। मुझे माफ कर दीजिए।
जिसमे दिनांक 29/8/2024 को मुलजिम अभय प्रताप सिंह की तरफ से जमानत के लिए अमन सिंह अधिवक्ता व सुमन पटेल अधिवक्ता ने पैरवी किया जिसपर मुलजिम अभय प्रताप सिंह का माननीय न्यायालय विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा 25-25000 के दो जमानतदार दाखिल कर जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार किया गया।