अंतरराष्ट्रीय फर्जी काल सेंटर का हुआ खुलासा
लखनऊ
राजधानी लखनऊ में पुलिस उपायुक्त पूर्वी की सर्विलांस टीम व थाना पीजीआई पुलिस टीम की संयुक्त टीम ने मुखबिर खास की सूचना पर 12 साइबर ठगों चंदन उर्फ रिक्की पुत्र स्वर्गीय उमाशंकर निवासी शास्त्री नगर थाना काकादेव कानपुर नगर 40 वर्षीय, मोहन श्याम शर्मा पुत्र गयाशीराम शर्मा निवासी थाना ज़ुरैरा जिला भरतपुर राजस्थान 24 वर्षीय, उत्कर्ष गोल्ड स्मिथ पुत्र धर्मेश निवासी बजरंग नगर लखनऊ 33 वर्षीय, नीरज कुमार पुत्र स्व राम सेवक निवासी अजित पुर थाना खीरी रायबरेली 33 वर्षीय, करन सिंह पुत्र गुरुदेव सिंह निवासी शहनजब रोड थाना हजरतगंज लखनऊ 28 वर्षीय, तरुण गुप्ता पुत्र अनिल कुमार गुप्ता निवासी इंडस्ट्रियल एरिया थाना खलीलाबाद संत कबीर नगर 24 वर्षीय, नीरज पांडेय पुत्र अशोक पांडेय निवासी दुर्गा पार्क गली नंबर 3 द्वारका सेक्टर 01 A थाना पाल मंगलापुरी दिल्ली 27 वर्षीय, सिद्धार्थ कश्यप पुत्र बालक राम निवासी आवास विकास कॉलोनी थाना कोतवाली जनपद गोंडा 24 वर्षीय, ऋतुराज गुप्ता पुत्र राजेश कुमार गुप्ता निवासी शिव पुरम त्रिवेणी नगर थाना अलीगंज लखनऊ 27 वर्षीय, सोमनाथ सिंह पुत्र विजय भान सिंह निवासी थाना व ग्राम हुजूरपुर बहराइच, विराट कुमार पुत्र राजेंद्र राम निवासी ग्राम दिग्घी पोस्ट बसिला थाना कोतवाली चंदौली 26 वर्षीय, राम जनक पुत्र हीरालाल निवासी लटेरा पोस्ट ऊंची थाना दुबौलिया जनपद बस्ती 49 वर्षीय को थाना पीजीआई क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
अभियुक्तों के कब्जे से 11 लैपटॉप भिन्न-भिन्न कंपनी के, 07 लैपटॉप चार्जर, 01 टैबलेट कंपनी, 02 एयर फाइबर यूनिट, 02 राउटर भिन्न भिन्न कंपनी, 05 हैंडसेट, 02 माउस व 17 मोबाइल फोन बरामद किए गए। अभियुक्तों के द्वारा विदेशी नागरिकों (यूएस/कनाडा) के लैपटॉप कंप्यूटर सिस्टम पर सॉफ्टवेयर में पॉप अप एयर बैग देकर कस्टमर के सिस्टम में रुकावट पैदा की जाती थी, जिसमें बात कस्टमर की स्क्रीन पर ऐड शो करता था तब विदेशी नागरिकों द्वारा फोन नंबर पर कॉल कर अभियुक्त लोगों से संपर्क कर उनके कंप्यूटर का एक्सेस अल्ट्रा बीबर एप्लीकेशन के माध्यम से सिस्टम और फिक्स करने का नाम पर उनके बैंक अकाउंट से क्रिप्टो करंसी/गिफ्ट कार्ड के माध्यम से लाखों रुपए प्रतिदिन हड़प रहते रहे थे। मौजूदा स्थिती में भी अभियुक्त लोगों को कंप्यूटर पर इंटरनेट के जरिए एजेंट कॉलर के माध्यम से विदेशी नागरिकों वार्ता व धोखाधड़ी कर उनके रुपए ठग लेते थे।
पुलिस द्वारा अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि अभियुक्तों द्वारा विदेशी नागरिकों के लैपटॉप कंप्यूटर सिस्टम में सॉफ्टवेयर में पॉपअप एरर/बग देकर विदेशी कस्टमर से सिस्टम में रुकावट पैदा की जाती थी, जिसके बाद कस्टमर की स्क्रीन पर पॉपअप एरर शो करता था, तब विदेशी कस्टमर द्वारा कॉलिंग सॉफ्टवेयर (X- LITE) पर कॉल कर अभियुक्तगण लोगों से संपर्क करते थे। यदि बातचीत के दौरान कॉल डिस्कनेक्ट हो जाती थी, तब अभियुक्त लोगों को सॉफ्टवेयर के माध्यम से विदेशी कस्टमर पुनः संपर्क कर उनके कंप्यूटर का एक्सेस अल्ट्रा विवर एप्लीकेशन के माध्यम से प्राप्त कर पॉपअप एरर/बाग हटा देते थे, तथा इसके अतिरिक्त इस प्रकार से दबाव डालकर बातों में फंसा कर, विदेशी कस्टमर से गिफ्ट कार्ड क्रिप्टोकरंसी के माध्यम से लाखों रुपए प्रतिदिन हड़प्पा रहते हैं। इन गिफ्ट कार्ड को रिडीम करने के लिए अपने साथियों को टेलीग्राम के माध्यम से भी भेज देते थे। साथी अभियुक्त गिफ्ट कार्ड को रिडीम कर पैसा प्राप्त कर कई लोगों को अपना हिस्सा पहुंचा देते थे।
पुलिस द्वारा अभियुक्तगणों के आपराधिक इतिहास का पता लगाने की कोशिश कर रही है। गिरफ्तारी में पुलिस उपयुक्त पूर्वी की सर्विलांस टीम, थाना पीजीआई की पुलिस टीम के साथ थाना साइबर क्राइम टीम की संयुक्त टीम शामिल थी।