जांच करने तहसील पहुंची एंटी करप्शन टीम को जान बचाकर भागना पड़ा। शिकायतकर्ता को साथ लेकर तहसील पहुंची थी लेखपाल के द्वारा रिश्वत लेने के मामले की जांच करने
जांच करने तहसील पहुंची एंटी करप्शन टीम को जान बचाकर भागना पड़ा।
शिकायतकर्ता को साथ लेकर तहसील पहुंची थी लेखपाल के द्वारा रिश्वत लेने के मामले की जांच करने
बाराबंकी। राजधानी लखनऊ से सटे जनपद बाराबंकी में एंटी करप्शन की टीम ने दो दिन पहले एक लेखपाल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया था। जिसकी जांच करने के लिए शनिवार को एंटी करप्शन की टीम शिकायतकर्ता को साथ लेकर सदर तहसील पहुंची थी। जांच अभी शुरू की की थी कि कुछ लेखपाल आ गए और शिकायतकर्ता से बहसबाजी होने लगी।
कुछ देर बाद बहस हाथापाई में बदल गई शिकायतकर्ता भी एंटी करप्शन टीम के साथ होने के कारण उग्र हो गए जिसके लेखपालों और शिकायतकर्ता के बीच मारपीट होने लगी। भरी तहसील में जमकर बवाल शुरू हो गया लेखपालों ने शिकायतकर्ता को जमकर मारा बचाव करने के लिए एंटी करप्शन टीम को भी भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ा और किसी तरह वहां से जान बचाकर भागना पड़ा। भीड़ ने एक व्यक्ति को पीटकर लहूलुहान कर दिया।
इस घटना में टीम के इंस्पेक्टर ने घायल व्यक्ति व महिला लेखपाल द्वारा कुल तीन मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। मामले को लेकर दिनभर शहर कोतवाली में भारी भीड़ जमा रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में कई थानों की पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई।
पूरा मामला आपको बताते चलें 17 दिसंबर को अयोध्या से आई एंटी करप्शन टीम ने बलवंत यादव नाम के एक व्यक्ति की शिकायत पर सदर तहसील के सामने से लेखपाल और एक मुुंशी को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। इसको लेकर लेखपालों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
शनिवार की दोपहर को एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार की अगुवाई में इसी मामले में जांच करने तहसील परिसर पहुंची थी। एंटी करप्शन टीम ने तहसील में शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों को साथ लेकर जानकारी जुटा रही थी। आरोप है कि इसी दौरान आठ-दस लोगों ने टीम से मारपीट शुरू कर दी। धक्का-मुक्की के बीच नक्शा व नजरी छीनने का प्रयास किया गया। वाहन में तोड़फोड का प्रयास हुआ।
बवाल बढ़ता देख एंटी करप्शन टीम जान बचाकर बाहर भागी। इस दौरान लेखपाल को जेल भेजवाने वाले शिकायतकर्ता पक्ष के लोगों व लेखपालों में कहासुनी हुई। आरोप है कि कुछ लेखपालों ने शिकायतकर्ता बलवंत के साथी को बुरी तरह से पीटा और घायल कर दिया। इससे तहसील में अफरातफरी मच गई।
मौके पर पहुंची पुलिस से दो महिला लेखपालों ने अपने साथ छेड़छाड़ होने की शिकायत की। महिला लेखपालों ने आरोप लगाया कि एंटी करप्शन टीम के साथ आएं शिकायतकर्ता के साथियों ने उनके साथ छेड़छाड़ की है।
महिला लेखपालों ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता पक्ष के दो-तीन लोगों ने जब छेड़छाड़ की उसके बाद ही उनसे मारपीट हुई। हंगामे के बीच सभी पक्ष शहर कोतवाली पहुंच गए। देखते ही देखते यहां एडीएम इंद्रसेन, एएसपी दक्षिणी डाॅ. अखिलेश नारायण सिंह, जॉइंट मजिस्ट्रेट आर जगत साई, सीओ सुमित कुमार त्रिपाठी समेत आधा दर्जन थानों की फोर्स व पीएसी बुला ली गई।
घायल युवक जुबराज की तहरीर पर पुलिस ने आशुतोष, चंद्रसेन, संदीप, सुनील, आनंद बिहारी व सविता आदि लेखपालों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार की तहरीर पर आठ-दस अज्ञात पर दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, एक महिला लेखपाल की तहरीर पर तीन-चार लोगों पर छेड़छाड़ का केस दर्ज किया गया। एएसपी ने बताया कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है।