विश्व प्रसिद्ध ताज महोत्सव मे संगीतमय शुरुआत
आगरा । ताज महोत्सव 2025 के अंतर्गत सूरसदन प्रेक्षागृह में भारतीय संगीतालय आगरा के द्वारा शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थापक पंडित गोपाल लक्ष्मण गुणे ने किया इस अवसर पर मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वल भी किया गया जो अशोक राव करमरकर, प्रहलाद, राशि जौहरी, वीणा छाबड़ा, भूषण द्वारा किया गया।
प्रथम प्रस्तुति संगीतालय के छात्र छात्राओ द्वारा राग बसंत में जयति जयति जय, राग काफी में आज खेलो श्याम संग होरी ..., लोक संगीत में होरी गीत जा मै तोसे नाही खेलू होरी ... तथा आज बृज में होरी रे रसिया गाया ।
तत् पश्चात DEI की छात्रा कु o निशा ने एकल तबला वादन प्रस्तुत किया आपके साथ लहरे पर संगत की डॉ भातु प्रताप जी ने।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भारतीय संगीतालय के प्राचार्य श्री गजेन्द्र सिंह जी के शास्त्रीय गायन हुआ । राग बिहाग में कैसे सुख सोवे . . . बिलम्बित ख्याल तथा बालम रे मोरे मन ... द्रुत ख्याल गा कर सारे प्रांगण को रागों के रस से ओतप्रोत कर दिया अंत में " मत मोरो कलाई ओहो नटखट कन्हाई ... . होली प्रस्तुत कर सभागार को फागुन के रंग में रंग दिया ।
उसके बाद डॉ O भानु प्रताप जी ने तीन ताल में बहुत मधुर लपकारियों में एकल तबला वादन प्रस्तुत किया ।
कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति " प्राच्य संगीत कला मंदिर " के संस्थापक पंडित सुनहरी लाल शर्मा जी को समर्पित करते हुए सुश्री राशि जौहरी जी के निर्देशन में शास्त्रीय नृत्य रचना " सरगम सबके भाग सवारें . . . " प्रस्तुत की गई ।
डॉ प्रदीप, शिव कुमार, ठां चद्र भूषण, डॉ रेखा, अवदेश शर्मा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।