उर्स के मौके पर हुआ रोज़ा अफ्तार
हजरत पीर अलहाज रमज़ान
आगरा । अली शाह रहमतुल्लाह अलैह का जश्न ए उर्स बुजुर्गों की समस्त रस्म ओ रिवाज के साथ मनाया गया और उर्स में मुल्क के अमन चैन की दुआ करने के बाद रोज़ा इफ्तार किया और लंगर तकसीम किया।
अल्लाह के वलियों की बारगाह दिल को सुकून अता करती है और दिली तमन्ना को पूरा करती है । सज्जादानशीन विजय कुमार जैन,
ईदगाह कटघर स्थित दरबार ए मरकज मुर्शिद, दरगाह आले पंजतनी पीर अलहाज तसद्दुक हुसैन अलमारूफ रमज़ान अली शाह चिश्ती साबरी रहमतुल्लाह अलैह के मजार ए मुकद्दस पर सभी धर्मो के लोगों ने अकीदत और मुहब्बत के साथ पीर साहब के जश्न ए उर्स के मुबारक मौके पर बुजुर्गों की समस्त रस्म ओ रिवाज़ के साथ मज़ार शरीफ का गुस्ल , संदल, इत्र , चादरपोशी करके तोशा शरीफ पर फातिहा ख्वानी करके दिली मुरादे मांग कर हुज़ूर अलहाज़ रमज़ान अली शाह रहमतुल्लाह अलैह की बारगाह में मुल्क के अमन चैन , हाजरीन मुरीदीन की फलाहियत की दुआ दरगाह के सज्जादानशीन व साहबजादा ए अव्वल विजय कुमार जैन ने की उसके बाद बुजुर्गों की शान में कव्वालों ने अपने कलाम पेश करके समा बांध दिया । दरगाह आले पंजतनी पीर अलहाज तसद्दुक हुसैन अलमारूफ रमज़ान अली शाह चिश्ती साबरी के साहबजादा ए अव्वल , सज्जादानशीन विजय कुमार जैन ने दुआ के मौके पर कहा कि बुजुर्गो के उर्स शरीफ में रूहानी फरिश्ते हाजिर होकर हाजरीन की दुआओं को बारगाह ए रब तक पहुंचाकर मांगने वाले के दामन को फैज़ से सराबोर करते हैं । अल्लाह के वलियों की बारगाह में दुआ कुबूल होने के साथ ही इनके दरबार में दिल को सुकून और दिली तमन्ना पूरी होती है पीर साहब ने अपनी दुआओ में एकता और मुहब्बत का पैगाम दुनिया वालों को दिया । बुजुर्गों के उर्स शरीफ में शिरकत करने से दिल को सुकुनियत हासिल होती हैं , और अकीदतमंद अपनी मुरादों से अपने दामन को भरते हैं और फैज़ से सराबोर हो जाते हैं । जश्न ए उर्स में फातिहा ख्वानी व रस्मों में मुल्क के अमन चैन की दुआ के साथ आलमे इंसान को सुकून अता करने की खास दुआ दरबार ए मुर्शिद में की । इस मौके पर कव्वाली का प्रोग्राम किया जिसमे कव्वालों ने पीर अलहाज रमज़ान अली शाह की बारगाह में कलाम पेश किए । जश्न ए उर्स में कुरान ख्वानी, फातिहा ख्वानी व दुआ के बाद रोजा इफ्तार करके लंगर तकसीम किया गया ।
जश्न ए उर्स में सर्वश्री सय्यद मेहराजुद्दीन शाह कादरी, सय्यद मुजम्मिल अली, सज्जादानशीन विजय कुमार जैन, वक्फ बोर्ड निदेशक गुलाम मुहम्मद अब्बास, शब्बीर अब्बास, अलीमुद्दीन अब्बास, सैयद तनवीर शाह,रिजवान अब्बास, बॉबी अब्बास , वकील अब्बास, सुल्तान अब्बास, हाजी यासीन, जाकिर अली, अब्दुल सईद, अनिल दीक्षित, खलीफा रमज़ान खान साबरी, खलीफा सईद साबरी , इरफान साबरी, खलीफा जमील अहमद साबरी, खलीफा कल्लू साबरी,हाशिम खान, शकील साबरी, मनोज साबरी, भूपेन्द्र साबरी, सय्यो , रिज़वान साबरी, रूबान साबरी, सत्तार, सतीश कुमार, राकेश साबरी, उमेश चंदेल साबरी, रूपसिंह साबरी, प0 जगदीश प्रसाद शर्मा, ताजुद्दीन , गायत्री साबरी, शिवानी साबरी, सुषमा साबरी, विमला साबरी, ममता साबरी, सरोज साबरी, ममता दीक्षित आदि